Saturday, 21 December 2013

22-12-13


एक बार एक नवयुवक किसी संत के पास पहुंचा .और बोला
“ महात्मा जी , मैं अपनी ज़िन्दगी से बहुत परेशान हूँ , कृपया इस परेशानी से निकलने का उपाय बताएं संत बोले , “ पानी के ग्लास में एक मुट्ठी नमक डालो और उसे पीयो .”
युवक ने ऐसा ही किया .
“ इसका स्वाद कैसा लगा ?”, संत ने पुछा।
“ बहुत ही खराब … एकदम खारा .” – युवक थूकते हुए बोला .
संत मुस्कुराते हुए बोले , “एक बार फिर अपने हाथ में एक मुट्ठी नमक ले लो और मेरे पीछे -पीछे आओ . “
दोनों धीरे -धीरे आगे बढ़ने लगे और थोड़ी दूर जाकर स्वच्छ पानी से बनी एक झील के सामने रुक गए .
“ चलो , अब इस नमक को पानी में डाल दो .” ,संत ने निर्देश दिया।
युवक ने ऐसा ही किया .
“ अब इस झील का पानी पियो .” , संत बोले .
युवक पानी पीने लगा …,
एक बार फिर संत ने पूछा ,: “ बताओ इसका स्वाद कैसा है , क्या अभी भी तुम्हे ये खारा लग रहा है ?”
“नहीं , ये तो मीठा है , बहुत अच्छा है ”, युवक बोला .
संत युवक के बगल में बैठ गए और उसका हाथ थामते हुए बोले , “ जीवन के दुःख बिलकुल नमक की तरह हैं ; न इससे कम ना ज्यादा . जीवन में दुःख की मात्र वही रहती है , बिलकुल वही . लेकिन हम कितने दुःख का स्वाद लेते हैं ये इस पर निर्भर करता है कि हम उसे किस पात्र में डाल रहे हैं . इसलिए जब तुम दुखी हो तो सिर्फ इतना कर सकते हो कि खुद को बड़ा कर लो …ग़्लास मत बने रहो झील बन जाओ .”॥

Friday, 20 December 2013

21-12-13


एक युवक क़रीब 20 साल के बाद विदेश से अपने
शहर लौटा था !
बाज़ार में घुमते हुए सहसा उसकी नज़रें
सब्जी का ठेला लगाये एक बूढे पर जा टिकीं !
बहुत कोशिश के बावजूद भी युवक उसको पहचान
नहीं पा रहा था !
लेकिन न जाने बार बार ऐसा क्यों लग
रहा था की वो उसे बड़ी अच्छी तरह से जनता है !
उत्सुकता उस बूढ़े से भी छुपी न रही,
उसके चेहरे पर आई अचानक मुस्कान से मैं समझ
गया था कि उसने युवक को पहचान लिया था !
काफी देर ...की जेहनी कशमकश के बाद जब युवक ने
उसे पहचाना तो उसके पाँव के नीचे से
मानो ज़मीन खिसक गई !
जब युवक विदेश गया था तो उनकी एक
बड़ी आटा मिल हुआ करती थी,
घर में नौकर चाकर कIम किया करते थे !
धर्म कर्म, दान पुण्य में सब से अग्रणी इस
दानवीर पुरुष को युवक ताऊजी कह कर
बुलाया करता था !
वही आटा मिल का मालिक और आज
सब्जी का ठेला लगाने पर मजबूर .. ?
युवक से रहा नहीं गया और वो उसके पास
जा पहुँचा और बहुत मुश्किल से रुंधे गले से पूछा :
"ताऊ जी, ये सब कैसे हो गया ...?"
भरी ऑंखें से बूढ़े ने युवक के कंधे पर हाथ रख उत्तर
दिया :
"बच्चे बड़े हो गए हैं बेटा" !!

Thursday, 19 December 2013

20-12-13


Weird facts about human body :
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1 Men lose about 40 hairs in a day and women lose 70 hairs in a day.
2 Your blood has same amount of salts in it as an ocean has.
3 You are taller in the morning than you are at night.
4 Heart circulates blood in your body about 1000 times each day.
5 Eyelashes last about 150 days.
6 There are 500 hairs in an eyebrow.
7 The average human body contains approximately 100 billion nerve cells.
8 It is not possible to sneeze with open eyes.
9 Bones are 4 times stronger than concrete.
10 Average life span of a taste bud is only 10days.
11 You are born without knee caps and they don’t appear until age of 2 to 6 years.
12 Children grow faster in spring time
13 Eyes stay the same size throughout life but nose and ears never stop growing.
14 We born with 300 bones but end up with 206 bones when we are adult.
15 Human skull is made up of 26 different bones.
16 Hair is made of same substance as fingernails.
17 Our entire body functions stop when we sneeze, even your heart beat.
18 Tongue is the strongest muscle in human body.
19 Typical person goes to bathroom six timesa day.
20 Food takes 7 seconds to reach stomach from mouth.
21 Children have more taste buds than adults.
22 Sneeze blows air out of nose at the speed of 100 miles per hour.
23 Largest muscle in your body is one on which you are sitting on.
24 Smallest bone of body is in ears.

Wednesday, 18 December 2013

19-12-13


Beautiful message!
💬 Stay away from Anger..
It hurts ..Only You!
..
💬 If you are right then there is no need to get angry,

💬 And if you are wrong then you don't have any right to get angry.

💬 Patience with family is love,

💬 Patience with others is respect.

💬 Patience with self is confidence and Patience with GOD is faith.

💬 Never Think Hard about the PAST, It brings Tears...

💬 Don't think more about the FUTURE, It brings Fear...

💬 Live this Moment with a Smile,It brings Cheer.

💬Every test in our life makes us bitter or better,

💬 Every problem comes to make us or break us,

💬 The choice is ours whether we become victims or victorious.

💬 Beautiful things are not always good but good things are always beautiful

💬 Do you know why God created gaps between fingers?

💬 So that someone who is special to you comes and fills those gaps by holding your hand forever.

💬 Happiness keeps You Sweet..But being sweet brings happiness.

Tuesday, 17 December 2013

18-12-13


पुराने जमाने की बात है। एक मजदूर बिल्कुल अकेला था। कभी आवश्यकता होती तो मजदूरी कर लेता तो कभी यूं ही रह जाता। एक बार उसके पास खाने को कुछ नहीं था। वह घर से मजदूरी ढूंढने के लिए निकल पड़ा। गर्मी का मौसम था और धूप बहुत तेज थी। उसे एक व्यक्ति ...
दिखा जिसने एक भारी संदूक उठा रखा था। उसने उस व्यक्ति से पूछा- क्या आपको मजदूर चाहिए? उस व्यक्ति को मजदूर की आवश्यकता भी थी, इसलिए उसने संदूक मजदूर को उठाने के लिए दे दिया। संदूक को कंधे पर रखकर मजदूर चलने लगा। गरीबी के कारण उसके पैरों में जूते नहीं थे। सड़क की जलन से बचने के लिए कभी-कभी वह किसी पेड़ की छाया में थोड़ी देर खड़ा हो जाता था। पैर जलने से वह मन-ही-मन झुंझला उठा और उस व्यक्ति से बोला- ईश्वर भी कैसा अन्यायी है। हम गरीबों को जूते पहनने लायक पैसे भी नहीं दिए। मजदूर की बात सुनकर व्यक्ति खामोश रहा।

दोनों थोड़ा आगे बढ़े ही थे कि तभी उन्हें एक ऐसा व्यक्ति दिखा जिसके पैर नहीं थे और वह जमीन पर घिसटते हुए चल रहा था। यह देखकर वह व्यक्ति मजदूर से बोला- तुम्हारे पास तो जूते नहीं है, परंतु इसके तो पैर ही नहीं है। जितना कष्ट तुम्हें हो रहा है, उससे कहीं अधिक कष्ट इस समय इस व्यक्ति को हो रहा होगा। तुमसे भी छोटे और दुखी लोग संसार में हैं। तुम्हें जूते चाहिए तो अधिक मेहनत करो। हिम्मत हार कर ईश्वर को दोष देने की जरूरत नहीं। ईश्वर ने नकद पैसे तो आज तक किसी को भी नहीं दिए, परंतु मौके सभी को बराबर दिए हैं। उस व्यक्ति की बातों का मजदूर पर गहरा असर हुआ। वह उस दिन से अपनी कमियों को दूर कर अपनी योग्यता व मेहनत के बल पर बेहतर जीवन जीने का प्रयास करने लगा।.

Monday, 16 December 2013

17-12-13


श्री हनुमान जी की स्तुति जिसमें उनके बारह नामों का उल्लेख मिलता है इस प्रकार है :

हनुमान द्द्रजनी सूनुर्वायु पुत्रो महाबलः।
रामेष्टः फाल्गुनसखः पिङ् गाक्षोऽमित विक्रमः॥
उदधिक्रमणश्चैव सीता शोकविनाशनः।
लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा॥
एवं द्वादश नामानि कपीन्द्रस्य महात्मनः।
स्वापकाले प्रबोधे च यात्राकाले च यः पठेत्॥
तस्य सर्वभयं नास्ति रणे च विजयी भवेत्।


उनका एक नाम तो हनुमान है ही, दूसरा अंजनी सूनु, तीसरा वायुपुत्र, चौथा महाबल, पांचवां रामेष्ट (राम जी के प्रिय), छठा फाल्गुनसख (अर्जुन के मित्र), सातवां पिंगाक्ष (भूरे नेत्र वाले) आठवां अमितविक्रम, नौवां उदधिक्रमण (समुद्र को लांघने वाले), दसवां सीताशोकविनाशन (सीताजी के शोक को नाश करने वाले), ग्यारहवां लक्ष्मणप्राणदाता (लक्ष्मण को संजीवनी बूटी द्वारा जीवित करने वाले) और बारहवां नाम है- दशग्रीवदर्पहा (रावण के घमंड को चूर करने वाले) ये बारह नाम श्री हनुमानजी के गुणों के द्योतक हैं। श्रीराम और सीता के प्रति जो सेवा कार्य उनके द्वारा हुए हैं, ये सभी नाम उनके परिचायक हैं और यही श्री हनुमान की स्तुति है। इन नामों का जो रात्रि में सोने के समय या प्रातःकाल उठने पर अथवा यात्रारम्भ के समय पाठ करता है, उस व्यक्ति के सभी भय दूर हो जाते हैं।

Sunday, 15 December 2013

16-12-13


एक आदमी को किसी ने सुझाव दिया कि दूर से
पानी लाते हो,
क्यों नहीं अपने घर के पास एक कुआं खोद लेते?
हमेशा के लिए पानी की समस्या से
छुटकारा मिल जाएगा।
सलाह मानकर उस आदमी ने कुआं खोदना शुरू
किया।
लेकिन सात-आठ फीट खोदने के बाद उसे
पानी तो क्या, गीली मिट्टी का भी चिह्न
नहीं मिला।
उसने वह जगह छोड़कर दूसरी जगह खुदाई शुरू
की। लेकिन दस फीट खोदने के बाद भी उसमें
पानी नहीं निकला।
उसने तीसरी जगह कुआं खोदा, लेकिन
निराशा ही हाथ लगी।
इस क्रम में उसने आठ-दस फीट के दस कुएं
खोद डाले, पानी नहीं मिला।
वह निराश होकर उस आदमी के पास गया,
जिसने कुआं खोदने की सलाह दी थी।
उसे बताया कि मैंने दस कुएं खोद डाले, पानी एक
में भी नहीं निकला।
उस व्यक्ति को आश्चर्य हुआ। वह स्वयं
चलकरउस स्थान पर आया, जहां उसने दस
गड्ढे खोद रखे थे।
उनकी गहराई देखकर वह समझ गया।
बोला, 'दस कुआं खोदने की बजाए एक कुएं में
ही तुम अपना सारा परिश्रम और पुरूषार्थ
लगाते तो पानी कबका मिल गया होता।
तुम सब गड्ढों को बंद कर दो, केवल एक
को गहरा करते जाओ, पानी निकल आएगा।'
कहने का मतलब यही कि आज
की स्थिति यही है।
आदमी हर काम फटाफट करना चाहता है।
किसी के पास " धैर्य नहीं है।
इसी तरह पचासों योजनाएं एक साथ चलाता है
और पूरी एक भी नहीं हो पाती...